यकीन ना था Yakin na tha - short Hindi poem

 

Poetry in hindi - कविताओं का संकलन।

यकीन ना था(हिंदी कविता)/ Yakin na tha(hindi poem)

yakin na tha short hindi poem

यकीन ना था... (Hindi kavita/ short hindi poem)


यकीन ना था वो दिन इतनी जल्दी आएंगे,


       सुनी सुनाई बातें हकीक़त में बदल जायेंगे।


ये जिंदगी उस मुकाम पर ले आयी मुझे,


       जो कहते थे मुझे अपनी दुनिया..


वो शक्स और दावे दोनों ही बदल जाएंगे।


(स्वरचित)...  
:- तारा कुमारी

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मैंने इस ब्लॉग / पत्रिका में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या हमें उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | इसके साथ ही विविध-अभिव्यक्ति के अंतर्गत लेख,कहानियों,संस्मरण आदि को भी स्थान दिया है। यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' कविताओं के संकलन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आप सादर आमंत्रित हैं। (रचनाएं - कविता,लघुकथा,लेख,संस्मरण आदि किसी भी रूप में हो सकती हैं।) इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए पेज about us या contact us पर जाएं।

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January 23, 2022
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