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अश्कों से रिश्ता Ashkon se rishta-a Hindi - poem


अश्कों से रिश्ता Ashkon se rishta - a Hindi - poem


  अश्कों से रिश्ता.. 

अश्कों से कैसा रिश्ता है मेरा? 

 हर बात पर मचल कर
 गालों को चूम लेती है ये ..
 बड़ी जिद्दी है ये अश्क
 रोकना चाहे जब पलकें
 छलकने से इन्हें..
 बनकर मोती  लुढ़क जाती
 पलकों को मात दे जाती है ये!

(स्वरचित)
 :-तारा कुमारी

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