अश्कों से रिश्ता Ashkon se rishta-a Hindi - poem


अश्कों से रिश्ता Ashkon se rishta - a Hindi - poem


  अश्कों से रिश्ता.. 

अश्कों से कैसा रिश्ता है मेरा? 

 हर बात पर मचल कर
 गालों को चूम लेती है ये ..
 बड़ी जिद्दी है ये अश्क
 रोकना चाहे जब पलकें
 छलकने से इन्हें..
 बनकर मोती  लुढ़क जाती
 पलकों को मात दे जाती है ये!

(स्वरचित)
 :-तारा कुमारी

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आपका स्वागत है।

Poem
June 24, 2020
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