Skip to main content

संकल्प / Sankalp / प्रतिज्ञा / Pratigya/इरादा / Irada/ (Determination) - A Hindi Poem

संकल्प/Sankalp/प्रतिज्ञा/ pratigya/ इरादा irada/ Determination - हिंदी कविता

संकल्प / प्रतिज्ञा / इरादा/ Determination

संकल्प / प्रतिज्ञा / इरादा

इरादा जो हो सर्वस्व कल्याणकारी
जन-जन के हित में जो हो लाभकारी
लाख रोड़े खड़े हो जाएं तो क्या
दृढ़ निश्चय से कर लो मुट्ठी में दुनिया सारी।

ये जगत है फूल और कांटों की क्यारी
संकल्प ना टूटे कभी रखो इनसे ऐसी यारी
जीवन छोटी है तो क्या
पक्के इरादों से खेलो अपनी पारी।

कर्तव्य पथ पर पदयात्रा रखो जारी
कंधों पर हो चाहे जिम्मेदारी भारी
कभी गर मुंह की खानी पड़ी तो क्या
हार के बाद जीत होती है सबसे प्यारी।

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी
(संकल्प/प्रतिज्ञा/इरादा पर ये कविता - कैसी लगी आपको ?जरूर बताएं। यदि पसंद आए तो मेरे उत्साहवर्धन हेतू अपना आशीर्वाद दें।और कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है। ) 

More poems you may like:-



Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

बादल Badal/Cloud - Hindi poem

खामोशी/Khamoshi/Silence - Hindi poem

एहसास EHSAAS Poem in Hindi

चाहत Chahat -Hindi poem

जीवनसंगिनी Jiwansangini - Hindi Poem