दिल मासूम होता है Dil masoom hota hai - Hindi poem


 दिल मासूम होता है ( हिंदी कविता) / Dil masoom hota hai ( Hindi poem)

Dil masoom hota hai


दिल  मासूम होता है

इश्क़ करनेवाला दिल मासूम होता है,
मासूमियत खो जाए जहां
वहां इश्क कहां होता है।

झूठ और फरेब से दूर 'सच्चा- रिश्ता' होता है,
शक और नफरत का बीज पनपे जहां
वहां भरोसा कहां होता है।

दोनों तरफ हो नेह तो जिंदगी खुशनुमा होता है,
एकतरफा हो जज़्बात की परवाह  जहां
वहां सुकून कहां होता है।

प्यार में तो सब कुछ न्योछावर हो जाता है,
कसरत करने लगे दिमाग जहां
वहां प्रेम कहां होता है।

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आपका स्वागत है।

Poem
June 18, 2021
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