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दिल मासूम होता है Dil masoom hota hai - Hindi poem


 दिल मासूम होता है ( हिंदी कविता) / Dil masoom hota hai ( Hindi poem)

Dil masoom hota hai


दिल  मासूम होता है

इश्क़ करनेवाला दिल मासूम होता है,
मासूमियत खो जाए जहां
वहां इश्क कहां होता है।

झूठ और फरेब से दूर सच्चा रिश्ता होता है,
शक और नफरत का बीज पनपे जहां
वहां भरोसा कहां होता है।

दोनों तरफ हो नेह तो जिंदगी खुशनुमा होता है,
एकतरफा हो जज़्बात की परवाह  जहां
वहां सुकून कहां होता है।

प्यार में तो सब कुछ न्योछावर हो जाता है,
कसरत करने लगे दिमाग जहां
वहां प्रेम कहां होता है।

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी

( कैसी लगी आपको यह गीत/कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।)

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