रिमझिम सावन की फुहारें Rimjhim saawan ki fuhaaren - a Hindi poem

POETRY IN HINDI  :- कविताओं का संकलन।

     बारिश की फुहारें/ बारिश की बूंदें/ रिमझिम सावन की फुहारें/ सावन की बूंदें  - हिंदी कविता। 
     Baarish ki fuhaaren /baarish ki boonden /Rimjhim sawan ki fuhaaren /Saawan ki boonden - Poem in Hindi.



सावन के महीने में होनेवाली बारिश सिर्फ बारिश नहीं होती है। इसमें कई अनकहे भावनाएं छुपी होती हैं जो सजीव निर्जीव पूरी प्रकृति को प्रभावित करती है। सौंदर्य और कोमल भावनाओं को छूती ये छोटी सी कविता प्रस्तुत है:-

Rimjhim saawan ki fuhaaren



----- रिमझिम सावन की फुहारें -----

      

रिमझिम रिमझिम के मधुर स्वर के धुन

चहुं दिशा में देखो कर्णप्रिय रस घोलती है।


धरा से मिलन के लिए उतावली- सी बूंदें

कभी सौम्य कभी मूसलाधार रूप धरती हैं।


चूम लेती हैं चंचल बूंदें,पथ में इनके जो भी आ जाए

हाल पूछती,मुस्कुराती, कभी गले मिल गुजर जाती है।


सावन की फुहारें जब तन- मन को भिगोती हैं

मानव ही नहीं,समस्त प्रकृति भी पुलकित हो जाती है।


धुला - धुला सा हर शै नए उत्साह से पूर्ण दिखता है

बेरंग सी बूंदें, सूखी धरती में भी जीवन भर देती हैं।


स्वच्छ निर्मल वातावरण और सोंधी सी खुशबू

बारिश की ये नन्हीं बूंदें , हवाओं में बिखेर जाती हैं।

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life poem
July 10, 2022
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