Jazbaat जज़्बात - Hindi poem

Jazbaat

POETRY IN HINDI  :- कविताओं का संकलन।

अलग - अलग भावनाओं को छोटे - छोटे टुकड़ों में उकेरने के बाद एक साथ  एक ही पन्ने में आपके समक्ष  प्रस्तुत है ये अभिव्यक्ति...

जज़्बात...


आरजू थी मेरी कि

खुशियां मेरे मुताबिक मिले।

खुशी का तो पता नहीं,

उनसे मिलने के बाद

आंखों में बस नमी ही मिले।।

....................


ख़ुद का ख्याल ख़ुद को ही रखना पड़ता है, 

टूटे हौसलों को ख़ुद ही जोड़ना पड़ता है।

कोई काम नहीं आता ऐ दोस्त...

जब दूसरों से की उम्मीदें,

ख़ुद के भरोसे पर भारी पड़ जाता है।

.....................


किसी को अपने दिल में उतनी ही जगह दो,

जितनी आपकी उम्मीदों पर वो खरा उतर सके।

क्योंकि, उम्मीद का टूटना...

तन - मन दोनों के कत्ल के समान है।

....................

कैसी लगी आपको यह छोटी सी कविता ? जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।

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मैंने इस ब्लॉग / पत्रिका में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या हमें उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | इसके साथ ही विविध-अभिव्यक्ति के अंतर्गत लेख,कहानियों,संस्मरण आदि को भी स्थान दिया है। यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' कविताओं के संकलन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आप सादर आमंत्रित हैं। (रचनाएं - कविता,लघुकथा,लेख,संस्मरण आदि किसी भी रूप में हो सकती हैं।) इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए पेज about us या contact us पर जाएं।

Heart broken poem
July 30, 2022
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