रिश्ते टूटे नहीं हैं Rishte tute nahin hain - Hindi poem

 

रिश्ते टूटे नहीं हैं (हिंदी कविता)/rishte tute nahin hain (Hindi poem)

rishte tute nahin hain

रिश्ते टूटे नहीं हैं..

उम्मीद नहीं कोई तुमसे


अब शिकवा नहीं कोई तुमसे


रिश्ते टूटे नहीं हैं ..अब भी।


बस,उलझी हूं एक डोर से

हां..

खामोशी ने चुपके से,


दोस्ती कर ली है मुझसे।।

~~~
(: - तारा कुमारी)

(कैसी लगी आपको यह कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।)

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आपका स्वागत है।

Poem
January 29, 2021
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