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अगर वो नहीं तो क्या हुआ Agar wo nahin to kya huwa - Hindi poem

 

अगर वो नहीं तो क्या हुआ( हिंदी कविता)/Agar wo nahin to kya huwa(Hindi Poem)

(सदियों से प्यार को अलग अलग तरह से देखा समझा और महसूस किया जाता रहा है। उन्हीं में से एक एहसास को शब्दों में अभिव्यक्त करती ये छोटी सी कविता प्रस्तुत है।)

agar wo nahin to kya huwa


अगर वो नहीं तो क्या हुआ..

तकदीर में हमारी 
अगर वो नहीं तो क्या हुआ..
उनकी चाहतों में 
हम बसते हैं। 

उनके साथ चलना 
मुमकिन नहीं तो क्या हुआ..
उनकी सांसों में 
हम संग चलते हैं।

इश्क की ये भी 
इक इंतेहां है दोस्तों..
उनकी हरेक यादों में 
सिर्फ, हम महकते हैं।

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी

(कैसी लगी आपको यह कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।)

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