पढ़ लो Padh lo - Hindi poem


पढ़ लो..(हिंदी कविता)/Padh lo..( Hindi poem)


पढ़ लो

पढ़ लो..  (हिंदी कविता)


शब्द 

नहीं, 

आज..

कुछ लिखने को।

~~~

पढ़ सको

तो,

पढ़ लो..

कोरे कागज को।।

~~~

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी


(कैसी लगी आपको यह कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।)

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आपका स्वागत है।

Poem
January 25, 2021
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