बेवजह Bewajah - Hindi poem


बेवजह / Bewajah - हिंदी कविता/ hindi poem

bewajah

बेवजह

 कभी हो जाती है

 बेवजह ही

  जिंदगी गुलजार !

कभी सौ वजह भी

 मुस्कुराने के लिए

  लगती है बेज़ार !!

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' कविताओं के संकलन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आप सादर आमंत्रित हैं। (रचनाएं - कविता,लघुकथा,लेख,संस्मरण आदि।)

life poem
August 25, 2021
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