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जरूरी है Jaruri hai - Hindi poem

 

जरूरी है... (हिंदी कविता)/ Jaruri hai (Hindi Poem)

jaruri hai


जरूरी है


नवांकुर के लिए 

धूप के साथ 

नमी जरूरी है।


बगिया के लिए

फूलों के साथ

कांटे जरूरी हैं।


जिंदादिली के लिए

हंसी के साथ

आंसू जरूरी है।


जिंदगी के लिए

खुशी के साथ

ग़म जरूरी है।


रिश्तों के लिए

बुनियाद के साथ

प्यार जरूरी है।

(स्वरचित)
:- तारा कुमारी

(कैसी लगी आपको यह कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।)

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