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एक फ़रेब Ek Fareb - Hindi poem


एक फ़रेब(हिंदी कविता)/

Ek Fareb(Hindi poem)

ek fareb


एक फ़रेब

अगर कोई तुमसे बच रहा हो

तो परेशान ना हो।

सोचो...अच्छा हुआ,

तुम बच गए, एक फ़रेब से। ।

(:- तारा कुमारी)

(कैसी लगी आपको यह कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे। आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है।)

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