एक फ़रेब Ek Fareb - Hindi poem


एक फ़रेब(हिंदी कविता)/

Ek Fareb(Hindi poem)

ek fareb


एक फ़रेब

अगर कोई तुमसे बच रहा हो

तो परेशान ना हो।

सोचो...अच्छा हुआ,

तुम बच गए, एक फ़रेब से। ।

(:- तारा कुमारी)

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आपका स्वागत है।

Poem
January 30, 2021
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