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डॉक्टर,नर्स और अस्पताल Doctor Nurse Aur Aspatal Hindi Poem

डॉक्टर, नर्स और अस्पताल

जज्बे को रखना कुछ इस तरह
उंगलियां ना,काँपे भीड़ देखकर

महामारी फैला रही अपनी चादर
तू कर दे इसकी सीमा तय
ऊपर एक ईश्वर है, नीचे तू भी कुछ कम नहीं 
डॉक्टर ,नर्स और अस्पताल 
चलेंगे हम सब मिलाकर ताल|

ना रखे कोई द्वेष जाति धर्म देख
ऐसी है इस पेशा का सर्वधर्मभाव 
फिर क्यों हम रखे मन में क्लेश 
ये हिंदू वो मुस्लिम, ये इसाई वो सिख|

आओ करें सामना आफत का 
करके दृढ़ निश्चय.. 
करे लोक डाउन का पालन, 
बनाकर हृदय में जगह 
दूरी रखना है मजबूरी
पर दिलों में रिश्ते रखना पूरी| 

यही है सद्भाव इस युद्ध की 
रहना हर क्षण बनकर मनमीत सबकी 
डॉक्टर, नर्स और अस्पताल 
चलेंगे हम सब मिलाकर ताल 
देखे, क्या कर लेगा यह महामारी रूपी काल!

(स्वरचित)
:-तारा कुमारी
( मेरी यह कविता डॉक्टर, नर्स और अस्पताल के सभी स्टाफ एवं कोरोना महामारी  के विरूद्ध युद्ध में लगे प्रत्येक सैनिक, योद्धाओं को समर्पित है|)

Doctor, nurse aur aspatal - HINDI POEM

Jajbe ko Rakhna Kuch Is Tarah 
ungaliyan na kanpen Bheed Dekhkar 

mahamari faila Rahi Apni Chadar
tu kar de iski Sima tai 
Upar Ek Ishwar Hai, niche Tu Bhi Kuchh Kam Nahin
Doctor, nurse aur aspataal 
Ham Sab chalenge milakar tal. 

Na rakhen Koi dvesh, jaati Dharm dekh
Aisi hai is pesha ka Sarv Dharm Bhav
Fir Kyon Ham Rakhe man mein klesh
Ye Hindu woh Muslim, ye isaayi woh  sikh. 

Aawo Karen Samna is aafat Ka
Karke dridh nishchay 
Karen lockdown ka Palan 
Banakar hridayon Mein Jagah
Duri Rakhna Hai Majboori
Par Dilon Mein Rishte Rakhna Puri. 

yahi hai Sadbhav is yuddh ki 
Rahana Har chhan Bankar Manmeet Sabki 
Doctor, nurse aur aspataal 
Ham Sab chalenge milakar tal 
Dekhen, kya kar lega yeh mahamari rupi Kal..! 

:written by Tara kumari. 

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