बेटियाँ/ Betiyan / (Daughters) - A Hindi poem

बेटियाँ/ Betiyan / (Daughters) - A Hindi poem (हिंदी कविता)

बेटियां / Daughter

        बेटियाँ /बेटी पर कविता

रिश्तों की एक खूबसूरत एहसास होती हैं बेटियाँ
घर की रौनक, उदासियों में खिलखिलाहट
अंधियारे में उजियारा होती हैं बेटियाँ..
जीवन डगर की बेशकीमती सौगात होती हैं ये बेटियाँ।

निश्छल मन के भावों से ओतप्रोत
चिलचिलाती धूप में भी शीतल छांव होती हैं बेटियाँ
उम्र के हर पड़ाव में, हर सुख-दुख में,
माता-पिता की परछाई होती हैं ये बेटियाँ।

जग कहे पराया धन बेटी को
पर इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह
कभी मां, कभी बहन..
ना जाने कितने रिश्तों में बंध जाती हैं ये बेटियाँ।

जब हर रिश्ते साथ छोड़ जाते हैं
तब पूर्ण समर्पण से अडिग साथ खड़ी रहती हैं ये  बेटियाँ
मां की ममता में पली,पिता के गर्व में लिपटी
स्वर्ग से उतरी परी होती हैं ये बेटियाँ।

परिवार को एक डोर में पिरोकर रखती हैं ये बेटियाँ
कम नहीं ये किसी से..
यूं समझ लो - बेमिसाल होती हैं बेटियाँ
रिश्तों की एक खूबसूरत एहसास होती हैं बेटियाँ।।

(स्वरचित)
:-तारा कुमारी

(कैसी लगी आपको यह कविता?जरूर बताएं। यदि पसंद आए तो मेरे उत्साहवर्धन हेतू अपना आशीर्वाद दें।और कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखे आपके सुझाव का हार्दिक स्वागत है। ) 

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मैंने इस ब्लॉग में हमारे आसपास घटित होने वाली कई घटनाक्रमों को चाहे उसमें ख़ुशी हो, दुख हो, उदासी हो, या उत्साहित करतीं हों, दिल को छु लेने वाली उन घटनाओं को अपने शब्दों में पिरोया है. कुछ को कविताओं का रूप दिया है, तो कुछ को लघुकथाओं का | यदि आप भी अपनी रचनाओं के द्वारा ' poetry in hindi' का हिस्सा बनना चाहते हैं या इच्छुक हैं तो आपका स्वागत है।

Poem
August 17, 2020
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