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मैं हूँ कि नहीं? Main Hun ki nahin? - Hindi-poem

मैं हूँ कि नहीं? Main hun ki nahin? Hindi -poem


मैं हूँ कि नहीं?

मेरे सुबह सवेरे में तू ,
तेरे सलोने शाम में.. मैं हूँ कि नहीं?

मेरे मचलते जज्बातों में तू ,
तेरी बातों में.. मैं हूँ कि नहीं?

मेरी बेचैनी में तू ,
तेरे अमन-चैन में.. मैं हूँ कि नहीं?

मेरे बदहवास धड़कन में तू ,
तेरे तरतीब साँसों  में.. मैं हूँ कि नहीं?

मेरी निराशाओं में तू ,
तेरी आशाओं में..मैं हूँ कि नहीं?

मेरी शख्सियत में तू ,
तेरी परछाई में..मैं हूँ कि नहीं?

हर लम्हा सोचूँ मैं तुझे ,
तेरी सोच में ..  मैं हूँ कि नहीं?

मेरी खामोशी में तू ,
तेरी आवाज में .. मैं हूँ कि नहीं?

मेरी डूबती सांसों में तू ,
तेरी अठखेलियां करती जिंदगी में.. मैं हूँ कि नहीं?

(स्वरचित)
:-तारा कुमारी

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