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चाहत Chahat -Hindi poem

चाहत Chahat-A Hindi poem

Chahat

    चाहत Chahat - Hindi poem 

कद्र करना उनकी दिल से 
जो आपके गम में रोते हैं.. 
बहुत कम मिलते हैं ऐसे लोग 
जो अपने दुःख में भी आपके दुःख को महसूस करते हैं। 

यूँ तो हजार ख्वाहिशें होती उनके भी दिल में 
पर ना कोई जिद ना कोई माँग.. 
आपकी एक हँसी की खातिर 
छुपा लेते नम आँखों को हँस कर पल में  । 

दिल ना दुखाना उनका 
जो हर नाज़ व नखरों को उठाते हैं.. 
खुद रूठे हों तब भी वो 
आपको रूठे देख मनाते हैं। 

नादान सा है दिल उनका 
ना तोड़ देना उनका दिल अपनी अना में.. 
जो अपनी बचपना छोड़ आपके लिए 
मुस्कुरा कर बड़प्पन दिखा जाते हैं। 

कद्र करना उनकी दिल से 
जो आपके गम में रोते हैं.. 
बहुत कम मिलते हैं ऐसे लोग 
जो अपने दुःख में भी आपके दुःख को महसूस करते हैं। 


(स्वरचित) 
: तारा कुमारी 



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