Showing posts from May, 2020
विरह - वेदना   Virah Vedana  Hindi - poem

विरह - वेदना Virah Vedana Hindi - poem

   विरह - वेदना पर हिंदी कविता / Virah Vedana - Hindi poem/ Painful soul / Separation  विरह - वेदना  शीशे का ह्रदय उस पर नाम लिखा क...
इंतज़ार Intezaar-hindi poem

इंतज़ार Intezaar-hindi poem

      इंतज़ार कुछ हलचल सी है सीने में सुकून कुछ खोया - सा है जाने कैसी है ये अनुभूति  दिल कुछ रोया - सा है कुछ आहट सी आयी है...
चुनौती  Chunautee - A short- story

चुनौती Chunautee - A short- story

                     चुनौती  (हम अपने जीवन में प्रत्येक दिन अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हैं |और उस चुनौती का सामना हम किस प्रकार क...
सपनों की उड़ान  Sapno ki udaan - hindi short - story

सपनों की उड़ान Sapno ki udaan - hindi short - story

                                   सपनों की उड़ान        मधु के लिए आसमान से अपने करीब बादलों को देखना सिर्फ ख्वाब पूरा होना न...
कर भला तो हो भला - Hindi Short - story

कर भला तो हो भला - Hindi Short - story

                     कर भला तो हो भला        रीना दसवीं कक्षा की छात्रा है तथा अपने माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ गर्मी की छुट्टि...
मातृ-दिवस Mother's day - Hindi poem

मातृ-दिवस Mother's day - Hindi poem

मातृ-दिवस माँ जननी है, जन्मदात्री है  प्रेम की अविरल बहती समंदर है  दुखों को झेलती अडिग पर्वत है  स्नेह की वर्षा करती फुहार ...
यकीन yakin - Hindi poem

यकीन yakin - Hindi poem

     यकीन  यकीन - तीन अक्षरों से बना यह शब्द इस के हैं खेल निराले  कभी यकीन कर कोई खिल गया तो किसी के जीवन में पड़ गए शून्...
दुःस्वप्न-कोरोना से आगे (Nightmare - beyond Corona ) - Hindi poem

दुःस्वप्न-कोरोना से आगे (Nightmare - beyond Corona ) - Hindi poem

     दुःस्वप्न - कोरोना से आगे है खड़ा ये विकराल सवाल राजस्व का है ये कैसा जाल लॉकडाउन की कहां गई सख्ती क्या है ये लालसा पाने क...
कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम - Hindi poem

कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम - Hindi poem

कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम  कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम,  आज वो रिश्ते यूँ रुसवा हो गए | मेरी होंठो पे हंसी देखेंगे हर दम, ...
जलेबी Jalebi - A Hindi short - story

जलेबी Jalebi - A Hindi short - story

 जलेबी        स्कूल से आती परेड एवं देशभक्ति गीतों की सुरीली आवाजें कुसुम को घर में भी साफ़ - साफ़ सुनायी दे रही थी |       वह 15 ...
किताब  की व्यथा  Kitab ki vyatha -Hindi poem

किताब की व्यथा Kitab ki vyatha -Hindi poem

                   किताब की व्यथा  दूर बैठी एक स्त्री सिसकती देख, कदम बढ़ गए उस ओर  कंधे पर रखकर हाथ पूछा मैंने - कौन है तू? ...

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