Showing posts from April, 2020
सूक्ष्म - शत्रु  sukshhm-shatru - Hindi poem

सूक्ष्म - शत्रु sukshhm-shatru - Hindi poem

        सूक्ष्म - शत्रु है जगत में सूक्ष्म - शत्रु का वार चारो तरफ है फैला  हाहाकार  है बड़ा ये covid-19 विध्वंसकारी अमेरिका, इट...
कुछ पंक्तियाँ "नवोदय" के नाम - HINDI POEM

कुछ पंक्तियाँ "नवोदय" के नाम - HINDI POEM

कुछ पंक्तियाँ "नवोदय" के नाम..                    वो हसीन नवोदय की जिंदगानी ना मिली फिर वैसी कहानी जब रखे थे अप...
तमन्ना  Tamanna - A Hindi short-story

तमन्ना Tamanna - A Hindi short-story

                         तमन्ना (कई बार हम अपने पास जो कुछ होता है उसकी कदर नहीं करते और उसकी उपेक्षा करते हैं |किन्तु, उसकी अह...
निःशब्द NISHABD - HINDI POEM

निःशब्द NISHABD - HINDI POEM

निःशब्द  गरीबी की मार कहें  या प्रशासन की हार  आम आदमी सहे सौ प्रहार | पैदल ही चल दिये मीलों घर के लिए  ना हो सका कोई प्रबंध...
नारी, अब तेरी बारी है| Nari, ab teri bari hai. - HINDI POEM

नारी, अब तेरी बारी है| Nari, ab teri bari hai. - HINDI POEM

नारी,अब तेरी बारी है| कोरोना से जंग जारी है  नारी,अब तेरी बारी है| ना मायूस होना, हारेगा ये कोरोना इतिहास गवाह है -  जब ...
यादें Yaadein Hindi Poem

यादें Yaadein Hindi Poem

यादें कलरव करती सहस्त्र यादें उमड़ती घुमड़ती मानस पटल पर कुछ खट्टी कुछ मीठी कुछ गुदगुदाती कुछ उदास कर जाती| जब मुड़कर देखो ...
डॉक्टर,नर्स और अस्पताल Doctor Nurse Aur Aspatal Hindi Poem

डॉक्टर,नर्स और अस्पताल Doctor Nurse Aur Aspatal Hindi Poem

डॉक्टर, नर्स और अस्पताल जज्बे को रखना कुछ इस तरह उंगलियां ना,काँपे भीड़ देखकर महामारी फैला रही अपनी चादर तू कर दे इसकी सीमा ...
 डायरी Diary - A Hindi Short Story

डायरी Diary - A Hindi Short Story

 डायरी  सहसा, ठीक पीछे किसी के होने की आहट से मालती पलट कर देखी तो 10 वर्षीय उसका पुत्र अंकित आंखों में निश्छलता लिए कुर्सी के पीछ...
वक्त और त्रासदी Time and Tragedy A Hindi Poem

वक्त और त्रासदी Time and Tragedy A Hindi Poem

वक़्त और त्रासदी ( Time and Tragedy) - Hindi poem (आज पूरा संसार जिस त्रासदी से गुजर रहा है उससे मर्माहत होकर मैंने यह कविता लिखी है| इस घट...
नहीं हारी हूं मैं Nahi Haari Hun Main - Hindi Poem

नहीं हारी हूं मैं Nahi Haari Hun Main - Hindi Poem

नहीं हारी हूं मैं | चली थी, एक अनजान राह पर  बेशक, मंजिल का पता न था  पर कुछ ख्वाब सजे थे, दिल मे  नन्ही - सी जान और कोई स...
एहसास EHSAAS Poem in Hindi

एहसास EHSAAS Poem in Hindi

एहसास  जाने क्यूँ ये, एहसास है  तू दूर होकर भी पास है | जाने क्या थी, तेरी मजबूरी जो लिख दी यह दूरी| कोई शिकवा नहीं, तेरे ...

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